द्रविड़ के लिए 12 साल पहले जब सिडनी ग्राउंड में बजी थीं ‘तालियां’, अब सिराज को गालियां

48 साल के द्रविड़ को क्रिकेट की दुनिया में मिस्टर डिपेंडेबल या वॉल जैसी संज्ञाओं के साथ सम्मान दिया जाता रहा है. टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में द्रविड़ ने खूब नाम कमाया. भारतीय टीम के वो ऐसे बल्लेबाज थे जो पिच पर उतरने के बाद आउट होने का नाम नहीं लेते थे.

हेल्दी फ्लर्ट हो या हेल्दी कमेंट, दोनों पर ही सामने से मुस्कुराते हुए रिप्लाई आता है, लेकिन जब नीयत में खोट और जुबां बेलगाम हो तो बात दूर तक चली जाती है. बात फिलहाल, सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की है, जहां दर्शकों ने एक बार राहुल द्रविड़ के सिंगल रन लेने पर भी खड़े होकर तालियां बजाई थीं और ताजा टेस्ट सीरीज में वहीं के क्रिकेट फैंस मोहम्मद सिराज को गालियां देते नजर आए. 

राहुल द्रविड़ का जिक्र आज इसलिए क्योंकि उनका बर्थडे है. 48 साल के द्रविड़ को क्रिकेट की दुनिया में मिस्टर डिपेंडेबल या वॉल जैसी संज्ञाओं के साथ सम्मान दिया जाता रहा है. टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में द्रविड़ ने खूब नाम कमाया. भारतीय टीम के वो ऐसे बल्लेबाज थे जो पिच पर उतरने के बाद आउट होने का नाम नहीं लेते थे. बॉलर हमेशा इसी इंतजार में रहते थे कि द्रविड़ कोई चूक करें या कम से कम शॉट ही खेलें. मगर, द्रविड़ हमेशा अपनी सेफ बॉल पर ही शॉट खेलते थे. 

ऐसा ही एक दिलचस्प मौका आया था ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में, जहां टीम इंडिया टेस्ट मैच खेल रही थी. ये टेस्ट सीरीज 2007-08 की थी. टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर चार टेस्ट मैच खेले थे. दूसरा टेस्ट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था. वो महीना भी जनवरी ही था. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 463 रन बनाए थे. जवाब में खेलने उतरी टीम इंडिया की तरफ से वसीम जाफर और राहुल द्रविड़ ने ओपनिंग की थी. 

राहुल द्रविड़ ने लगातार 40 डॉट बॉल खेलीं


पारी के सातवें ओवर में ही वसीम जाफर 3 रन बनाकर आउट हो गए थे. अब क्रीज पर द्रविड़ के साथ थे वीवीएस लक्ष्मण. दोनों का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमेशा अच्छा रहा है. उस दिन भी दोनों की जोड़ी टिक गई. मगर, द्रविड़ ने जब 18 रन बना लिए तो उसके बाद वो लगातार डॉट बॉल खेलते रहे. ब्रेट ली, मिशेल जॉनसन और साइमंड्स जैसे बॉलरों ने हर कोशिश कर ली. मगर द्रविड़ अपने ही अंदाज में हर बॉल को डिफेंस करते रहे.

कई स्लिप और सिली प्वाइंट के साथ ऑस्ट्रेलियाई बॉलरों ने क्या कुछ नहीं आजमाया, मगर राहुल नहीं डिगे. इस तरह उन्होंने 40 डॉट बॉल खेल डालीं और अंतत: जब 41वीं बॉल पर सिंगल दौड़ा तो पूरे मैदान में दर्शक खड़े हो गए और खूब तालियां बजाईं.

द्रविड़ ने अपनी उस पहली पारी में कुल 53 रन बनाए थे जिसके लिए उन्होंने 160 बॉल खेली थीं. द्रविड़ करीब 240 मिनट यानी चार घंटे पिच पर रहे थे. 33 का स्ट्राइक था और पारी में 9 चौके लगाए थे. जबकि दूसरी पारी में द्रविड़ ने 38 रन बनाए थे. वो मैच ऑस्ट्रेलिया ने 122 रनों से जीत लिया था. मगर, मैदान पर पहली पारी में द्रविड़ के स्लो खेलने पर जो तालियां तंज की बजाई गई थीं, उनकी खूब चर्चा हुई. हालांकि, मिस्टर कूल द्रविड़ ने उस वक्त हवा में बल्ला लहराकर ऐसे अभिवादन स्वीकार किया था मानो उन्होंने शतक जड़ दिया हो.

कमेंट्री में भी इसे लेकर खूब चर्चा हुई. इस दृश्य पर कोई विवाद नहीं था, बल्कि उसको ह्यूमर के तौर पर लिया गया था. लेकिन ताजा सीरीज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के तेज बॉलर मोहम्मद सिराज के साथ जो हुआ वो ऐसा था कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को खेद जाहिर करना पड़ा है. यहां तक कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने नस्लीय टिप्पणी पर कहा है कि क्रिकेट भेदभाव नहीं करता, ऐसे लोगों के लिए मैदान में कोई जगह नहीं है. बता दें कि सिडनी टेस्ट में भारत के सामने 407 रनों का टारगेट है. टीम इंडिया अगर ये टेस्ट मैच जीत लेती है, तो कंगारुओं के लिए यह करारा जवाब होगा. 

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