बंगालः TMC में बढ़े बगावत के सुर, अब पार्टी विधायक ने प्रशांत किशोर के खिलाफ खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में बगावत के सुर नजर आने लगे हैं. बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त करना शुरू कर दिया है.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में बगावत के सुर नजर आने लगे हैं. बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक रूप से असंतोष व्यक्त करना शुरू कर दिया है.

इस ब्रिगेड में अब हावड़ा जिले के शिबपुर से टीएमसी विधायक जटू लाहिड़ी शामिल हो गए हैं. उन्होंने पार्टी के सलाहकार प्रशांत किशोर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने पार्टी में शुरू हुई मौजूदा उथल-पुथल के लिए प्रशांत किशोर को जिम्मेदार ठहराया है. टीएमसी विधायक जटू लाहिड़ी ने प्रशांत किशोर को यह कहकर आड़े हाथों लिया कि पार्टी के भीतर सभी समस्याओं के पीछे वही प्रमुख कारण हैं.

जटू लाहिड़ी ने कहा, ‘उन्हें (प्रशांत किशोर) पार्टी में किराये पर रखा गया है. उनकी नियुक्ति होने के बाद से सभी तरफ से नुकसान होना शुरू हो गया है.’

बगावती रुख अख्तियार करने वाले लाहिड़ी ने आने वाले दिनों में टीएमसी छोड़ने तक का संकेत दिया है. जट्टू लाहिड़ी ने अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले दिनों में पार्टी छोड़ने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि, “मैं ममता बनर्जी की वजह से ही पार्टी में शामिल हुआ हूं. उन्हें अपने दम पर पार्टी चलानी चाहिए.”

शुभेंदु अधिकारी के हालिया इस्तीफे के बारे में बात करते हुए लाहिड़ी ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी मंत्री पद के मोह से बाहर निकलने में सक्षम थे. पार्टी में कई समस्याएं हैं. हम सभी इस बात से दुखी हैं. हावड़ा नगर निगम के चुनाव को दो साल हो चुके हैं लेकिन आम लोगों को सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. प्रशांत किशोर से जुड़े सदस्यों ने मुझे कई कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मजबूर किया है लेकिन किसी को भी किसी भी कार्यक्रम के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं है.” टीएमसी विधायक लाहिड़ी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्हें (प्रशांत किशोर से जुड़े सदस्यों को) इतना पैसा कहां से मिल रहा है.”

तृणमूल के वरिष्ठ नेता और मंत्री धीरे-धीरे विद्रोह पर उतारू हैं, लेकिन ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल से पार्टी नेता शुभेंदु अधकारी का पद छोड़ना है. कई विधायक ऐसे हैं जो पार्टी के भीतर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के हस्तक्षेप के खिलाफ भी बोल रहे हैं.

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