कोरोना में रात 2 बजे जश्न:मुंबई में पार्टी कर रहे रैना-सुजैन समेत 34 अरेस्ट; छापा पड़ा तो रैपर बादशाह पिछले दरवाजे से भागे

मुंबई एयरपोर्ट के पास ड्रैगन फ्लाई क्लब में पुलिस ने सोमवार रात करीब ढाई बजे छापा मारा। क्रिकेटर सुरेश रैना समेत 27 सेलिब्रिटीज और 7 स्टाफ के खिलाफ IPC की धारा-188, 269 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। क्लब में ऋतिक रोशन की एक्स वाइफ सुजैन और सिंगर गुरु रंधावा समेत कई सेलिब्रिटीज मौजूद थे। सेलिब्रिटीज को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ भी दिया गया।

इस रेड के दौरान रैपर बादशाह भी पार्टी में मौजूद थे। हालांकि, वो पिछले दरवाजे से भाग गए। इस बात का पता चलने के बाद पुलिस ने उन्हें भी नोटिस भेजा है।

रैना की सफाई- अनजाने में भूल हुई
सुरेश रैना की टीम ने रैना की तरफ से बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि रैना एक शूट के लिए मुंबई में थे, जो देर रात तक चलता रहा। दिल्ली आने से पहले उनके एक दोस्त ने उन्हें एक डिनर के लिए इनवाइट किया था। उन्हें मौजूदा टाइम लिमिट और प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत प्रोसेस को फॉलो किया। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है और अनजाने में हुई घटना पर उन्हें पछतावा है। वे हमेशा कानून का पालन करते रहे हैं और कोशिश करेंगे कि भविष्य में फिर कोई भूल नहीं हो।

बताया जा रहा है कि पार्टी में 19 लोग दिल्ली से आए थे। अन्य लोग पंजाब और दक्षिण मुंबई के रहने वाले थे। इनमें से ज्यादातर ने शराब पी रखी थी। महाराष्ट्र में अभी भी लॉकडाउन के नियम जारी हैं। इसमें रात में 11 बजे के बाद किसी भी तरह की पार्टी या सार्वजनिक कार्यक्रम प्रतिबंधित है।

नियम के खिलाफ काम हो रहा था, इसलिए छापा मारा
संयुक्त पुलिस कमिश्नर विश्वास नागरे पाटिल ने बताया कि सरकार ने कोरोना को देखते हुए एक निर्णय लिया था कि तय समय के बाद नाइट पार्टी, पब, बार और होटल्स को बंद रखा जाएगा। इसके बाद क्लब में पार्टी की जानकारी मिली और डीसीपी राजीव जैन के नेतृत्व में एक टीम को रेड के लिए यहां भेजा गया और 34 लोगों को पकड़ा गया।

क्लब की ओर से फिलहाल कोई भी बयान सामने नहीं आया है। मुंबई पुलिस को संदेह है कि कई और लोग भागने में कामयाब हुए। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लोगों को नोटिस भेजा जाएगा। IPC की धारा-188 के तहत एक महीने की जेल और 10 हजार का जुर्माना हो सकता है।

क्या है धारा 188, जिसके तहत रैना समेत कई पर दर्ज हुआ केस
लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाती है। 1897 के महामारी कानून (Epidemic Act) के सेक्शन 3 में इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर कोई प्रावधानों का उल्लंघन करता है, सरकार/ कानून के निर्देशों/नियमों को तोड़ता है, तो उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत दंडित किया जा सकता है।

इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा दिए निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी आपके खिलाफ ये धारा लगाई जा सकती है। अगर आपको सरकार द्वारा जारी उन निर्देशों की जानकारी है, फिर भी आप उनका उल्लंघन कर रहे हैं, तो भी आपके ऊपर धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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