वैक्सीनेशन का ड्राई रन:स्वास्थ्य मंत्री ने पहले कहा- पूरे देश में कोरोना वैक्सीन फ्री होगी; फिर बोले- पहले फेज में 3 करोड़ लोगों के लिए फ्री

कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र सरकार जोर-शोर से तैयारियों में जुटी है। शनिवार को पूरे देश में वैक्सिनेशन का ड्राई किया गया। इसमें 125 जिलों के 285 सेंटर शामिल थे। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पहले कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरे देश में फ्री होगी। फिर डेढ़ घंटे बाद बोले कि पहले फेज में यह 3 करोड़ लोगों के लिए फ्री मिलेगी। इनमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स और 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे।

अपडेट्स

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 4 राज्यों में वैक्सिनेशन के ड्राई रन से जो फीडबैक मिला, उसे शनिवार के ड्राई रन की गाइडलाइंस में शामिल किया गया।
  • स्वास्थ्य मंत्री ने GTB अस्पताल जाकर ड्राई रन की तैयारियों का रिव्यू भी किया। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। सुरक्षित और असरदार वैक्सीन हमारी प्राथमिकता है। पोलियो के वैक्सीनेशन के वक्त भी कई तरह की अफवाहें फैलाई गई थीं, लेकिन लोगों ने वैक्सीन लगवाई और आज देश पोलियो मुक्त हो चुका है।
स्वास्थ्य मंत्री GTB अस्पताल में हेल्थ वर्कर्स से बात करते हुए।
स्वास्थ्य मंत्री GTB अस्पताल में हेल्थ वर्कर्स से बात करते हुए।

ड्राई रन कैसे हुआ?

  • ड्राई रन की प्रोसेस में वैक्सीनेशन से इतर चार स्टेप्स शामिल थे। इनमें 1. बेनीफिशियरी (जिन लोगों को डमी वैक्सीन लगाई जानी है) की जानकारी, 2. जहां वैक्सीन दी जानी है उस जगह की डिटेल, 3. मौके पर डाक्यूमेंट्स का वैरिफिकेशन और 4. वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल और रिपोर्टिंग की जानकारी अपलोड करना शामिल था।ा
  • ड्राई रन में पहले लिस्ट में शामिल किए कुछ लोगों को डमी वैक्सीन दी गई। इस दौरान वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए जरूरी इंतजामों का रिव्यू किया गया। इससे असली वैक्सीनेशन के दौरान आने वाली कमियों को दूर करने की कोशिश की गई।
  • हर साइट पर मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज ने 25 बेनीफिशियरी चुने। हर सेंटर पर तीन कमरे थे। पहला कमरा वेटिंग के लिए। इसमें हेल्थ वर्कर की पूरी जानकारी का डेमो मिलान किया गया। दूसरे कमरे में वैक्सीन दी गई। तीसरे कमरे में वैक्सीन लगवाने वाले को 30 मिनट रखा गया। ताकि उसे कोई परेशानी होने पर इलाज दिया जा सके।
  • ड्राई रन में ये बेनीफिशियरी हेल्थ वर्कर्स ही थे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है वे बेनीफिशियरी का डेटा Co-WIN ऐप पर अपलोड करें। यह वैक्सीन की डिलीवरी और मॉनिटरिंग का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस प्रोसेस के बाद Co-WIN उपयोगी हो पाएगा।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि करीब 96 हजार वैक्सीनेटर्स को वैक्सीनेशन की ट्रेनिंग दी गई है। 2360 पार्टिसिपेंट्स को नेशनल ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स इंस्टीट्यूट में और 719 जिलों में 57 हजार से अधिक पार्टिसिपेंट्स को ट्रेनिंग दी गई। वैक्सीन से संबंधित कोई भी जानकारी किसी भी राज्य में 104 नंबर डायल करके हासिल की जा सकेगी।

राजस्थान के 7 जिलों में ड्राई रन
राजस्थान में जयपुर समेत 7 जिलों में ड्राई रन हुआ। जयपुर में जेके लोन हॉस्पिटल समेत 4 जगहों पर ट्रायल हुई। SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी और हेल्थ सेक्रेट्री सिद्धार्थ महाजन ने सेंटर्स पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया। (पूरी खबर यहां पढ़ें)

भोपाल में 3 सेंटर्स पर रिहर्सल
यहां सिविल डिस्पेंसरी गोविंदपुरा, कोलार में जेके अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गांधी नगर में 25-25 हेल्थ वर्कर को बुलाया गया। उन्होंने टीकाकरण की तैयारियों का ड्राई रन किया। इसमें वैक्सीनेशन की पूरी प्रोसेस फॉलो की गई, सिर्फ असली वैक्सीन नहीं लगाई गई। (पूरी खबर यहां पढ़ें)

पटना में एक सेंटर पर गड़बड़ी सामने आई
पटना में तीन सेंटरों पर ड्राई रन हुआ। फुलवारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य भवन में चल रहे रिहर्सल में गड़बड़ी सामने आई। यहां 25 हेल्थ वर्कर को ट्रायल वैक्सीन दी जा रही है, लेकिन जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ है, वे यहां पहुंचे ही नहीं। उनके नाम पर किसी और को ड्राई रन में शामिल किया गया। 

लखनऊ में 6 सेंटर बनाए
लखनऊ के PGI, KGMU और सहारा हॉस्पिटल समेत 6 जगह ड्राई रन किया गया। सेंटर्स को तीन एरिया में बांटा गया। एक कमरे में आईडी की जांच, दूसरे कमरे में वैक्सीनेशन और तीसरे में 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन के लिए रखा गया। 

महाराष्ट्र में 4 शहरों के 3-3 सेंटर्स पर ड्राई रन
पुणे, नागपुर, जालना और नंदूरबार में कोरोना वैक्सीन का ड्राई हुआ। हर शहर में 3 सेंटर्स पर और हर सेंटर पर 25-25 लोगों को वैक्सीन की पहली ‘डमी’ खुराक दी गई। इसी के आधार पर पूरे राज्य में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

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