यूपी के बाद मध्य प्रदेश में लव जेहाद कानून पर भड़के ओवैसी, बीजेपी के राज्य सरकारों से कही ये बात

लव जेहाद कानून पर एआईएमआईएम चीफ ने कहा- कोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि भारतीय संविधान में आर्टिकल 21,14, और 25 के अंतर्गत देश के किसी भी नागरिक के व्यक्तिगत जीवन में सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में लेव जेहाद कानून के अध्यादेश के लिए शिवराज कैबिनेट की स्पेशल बैठक मंगलवार को बुलाने पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए और जमकर बीजेपी शासित राज्यों की सरकार को खरी-खोटी सुनाई. ओवैसी मंगलवार को लव जेहाद कानून को लेकर बरसते हुए कहा कि संविधान में लव-जेहाद की कोई परिभाषा नहीं है.  बीजेपी शासित राज्य लव जेहाद कानूनों के जरिए संविधान का मजाक बना रहे हैं. अगर बीजेपी शासित राज्य कानून बनाना चाहते हैं तो उन्हें एमसीपी पर कानून बनाना चाहिए और रोजगार देना चाहिए.

लव जेहाद पर एआईएमआईएम चीफ ने आगे कहा- कोर्ट ने इस बार पर जोर देते हुए दोहराया कि भारतीय संविधान में आर्टिकल 21, 14, और 25 के अंतर्गत देश के किसी भी नागरिक के व्यक्तिगत जीवन में सरकार की कोई भूमिका नहीं है. बीजेपी साफतौर पर संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने में संलिप्त है.

ओवैसी ने कहा- ऐसे कानून बनाकर बीजेपी लोगों में नफरत फैलाना चाहती है. लव जिहाद का मतलब क्या है? कितने केंद्रीय मंत्री भी लव जिहाद में शामिल हैं. ये लोग लोगों की निजी जिंदगियों में क्यों झांक रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि वो दिन दूर नहीं, जिस तरह दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया था, अपने देश में ऐसे दिन आ जाएंगे, लिखा रहेगा कि यहां मुसलमान नहीं बैठेगा, यहां दलित नहीं बैठेगा.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में धमकी देकर, डराकर या मजबूर करके धर्म परिवर्तन मामले में 5 साल की सजा का प्रावधान है. साथ ही इस मामले में 25 हजार रुपये का जुर्माना भी है. मध्य प्रदेश में किसी नाबालिग या अनुसुचित जाति के साथ लव जिहाद का मामला आता है तो ऐसे में आरोपी को 10 साल की सजा का प्रावधान है साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड. मध्य प्रदेश में सामूहिक तौर पर विधि विरुद्ध लव जिहाद मामले में 10 साल की जेल समेत 1 लाख रुपये का जुर्माना है.

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