UP: कानपुर में Bird Flu का हाई अलर्ट, चिकन और अंडे की दुकान खोलने पर लगी पाबंदी

जिला प्रशासन ने सभी चिकन तथा अंडे की दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने के लिए कहा है. साथ ही मुर्गे-मुर्गियों तथा नॉन प्रोसेस्ड कुक्कुट मांस की खेप के कानपुर जिले की सीमा में दाखिले पर एहतियातन पाबंदी लगा दी गई है. वहीं वायरस को फैलने से रोकने के लिए धारा 144 भी लगा दी गई है. 

कानपुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) शहर में स्थित चिड़ियाघर (Zoo) कुछ मृत परिंदों की जांच में बर्ड फ्लू (Bird Flu) वायरस की पुष्टि होने के बाद अलर्ट (Alert) जारी कर दिया गया है. 

जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पूरे जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इसके साथ ही चिड़ियाघर के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमण जोन घोषित करते हुए इसके अंदर सभी कुक्कुट फार्म पर अभियान चलाकर संक्रमण के संदेह में आने वाली मुर्गी-मुर्गों को मारने का अभियान शुरू हो गया है.

बंद हुईं अंडे और चिकन की दुकानें

जिला प्रशासन ने सभी चिकन तथा अंडे की दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने के लिए कहा है. साथ ही मुर्गे-मुर्गियों तथा नॉन प्रोसेस्ड कुक्कुट मांस की खेप के कानपुर जिले की सीमा में दाखिले पर एहतियातन पाबंदी लगा दी गई है. जिलाधिकारी ने बताया कि कानपुर चिड़ियाघर के 10 किलोमीटर के दायरे की अनिश्चित काल तक घेराबंदी करने का फैसला किया गया है. बर्ड फ्लू के लिए भी बचाव का वही प्रोटोकॉल लागू किया गया है जो कोविड-19 के लिए है.

पूरे जिले में लगाई गई धारा 144

अपर जिला अधिकारी (नगर) अतुल कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. चिकन की दुकानों की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं. नष्ट किए जाने वाले परिंदों के निस्तारण के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं. जिला प्रशासन ने मुर्गे-मुर्गियों तथा जंगली एवं प्रवासी पक्षियों में असामान्य तौर पर बीमारी फैलने या उनकी मौत होने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने के लिए एक परामर्श जारी किया है.

8 पक्षियों में दिखा बर्ड फ्लू का वायरस

कानपुर नगर के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) अरविंद यादव ने बताया कि शनिवार को दो जल मुर्गों के नमूनों का परीक्षण कराया गया और वायरस का लक्षण मिलने के बाद सतर्कता बरती गई है. उन्‍होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप 7 जल मुर्गों समेत आठ पक्षियों को चिड़ियाघर के अंदर ही दफना दिया गया है. यादव के मुताबिक, 41 मुर्गे और मुर्गी में फ्लू का लक्षण दिखने पर सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उनका भी निस्‍तारण कर दिया गया है.

चिड़ियाघर अगले आदेश तक रहेगा बंद

डीएफओ ने कहा कि अभियान और क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है. गौरतलब है कि गत छह जनवरी को कानपुर चिड़ियाघर में कुछ परिंदे मृत पाए गए थे. भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लेबोरेटरी की जांच में उनमें बर्ड फ्लू वायरस पाया गया था. उसके बाद से कानपुर चिड़ियाघर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है.

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